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बिछड़ के तुमसे जिन्दगी सजा लगती है……

बिछड़ के तुमसे जिन्दगी … बिछड़ के तुमसे जिन्दगी सजा लगती है, ये सांस भी जैसे मुझसे ख़फ़ा लगती है ! अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूँ तो किससे करूँ. मुझको तो मेरी ज़िंदगी भी बेवफा लगती है…